अनौपचारिक व औचारिक पत्र कैसे लिखे?
अनौपचारिक व औचारिक पत्र के उदहारण
अनौपचारिक पत्र
प्रश्न:-1:-
अपने पिता जी को पत्र लिखकर बताइए कि आपके विद्यालय का वार्षिकोत्सव किस प्रकार मनाया गया।
अथवा
विद्यालय के वार्षिकोत्सव में पुरस्कार - प्राप्ति की प्रसन्नता का वर्णन करते हुए अपने पिता जी को एक पत्र लिखिए।
परीक्षा भवन
नई दिल्ली
दिनांक : 21 जुलाई, 20XX
पूज्य पिता जी
सादर चरण स्पर्श
आपका कुशल - पत्र यथासमय प्राप्त हो गया था। कार्य की व्यस्तता के कारण पत्रोत्तर में विलंब के लिए क्षमा - प्राथी हूं। वस्तुत: पिछले एक माह से माह से हम विद्यालय के वार्षिकोत्सव की तैयारी में लगे हुए थे। कल ही यह वार्षिकोत्सव आयोजित किया गया था, जिसका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:
गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी विद्यालय को दुल्हन की तरह सजाया गया था। इस अवसर पर माननीय शिक्षा निदेशक तथा अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
सरस्वती वंदना के साथ वार्षिकोत्सव के कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात प्रधानाचार्य ने अतिथियों का हार्दिक स्वागत करते हुए वर्ष कि उपलब्धियों का उल्लेख किया। तदंनतर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इसके अतंर्गत लोक - नृत्य, लोक - गीत , मूक अभिनय तथा एकांकी नाटक आदि प्रस्तुत किए गए। एकांकी नाटक ही सांस्कृतिक कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण था। ' अधिकार का रक्षक ' नामक इस एकांकी के प्रमुख पात्र सेठ घनश्याम दास का अभिनय मैंने ही किया, जिसको दर्शकों ने बहुत सराहा। इस अवसर पर कला - प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया था। इस प्रदर्शनी में नन्हे - मुन्ने कलाकारों के चित्रों को भी प्रदर्शित किया गया था।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद मुख्य अतिथि माननीय शिक्षा निदेशक ने विद्यालय की गतिविधियों में भाग लेने वाले छात्रों में पारितोषिक वितरित किया। मुझे भी इस अवसर पर दो पुरस्कार मिले। मुझे सर्वश्रेष्ठ अभिनेता तथा सर्वश्रेष्ठ वक्ता होने का पुरस्कार मिला। यह सब आपके आशीर्वाद तथा गुरुजनों के परिमाण है। मुख्य अतिथि ने मेरे अभिनय की भी सराहना की तथा मेरी पीठ थथपाई।
अंत में, मुख्य अतिथि ने विद्यालय की प्रगति की भुरि - भूरि प्रशंसा की तथा छात्रों को रचनात्मक कार्यों में जुट जाने की प्रेरणा भी थी। प्रधानाचार्य द्वारा सभी अतिथियों को धन्यवाद दिए जाने के बाद समारोह का समापन हो गया।
शेष सब कुशल है। मेरे मित्र भी आपको प्रणाम कहते है।
आपका पुत्र
क. ख. ग.
प्रश्न:-2:-
किसी पर्वतीय स्थान का वर्णन करते हुए अपने मित्र को पत्र लिखिए कि वह भी कुछ दिनों के लिए आपके पास आ जाए।
अथवा
अपने मित्र को पत्र लिखिए कि परीक्षा के बाद वह कुछ दिन आपके घर में बिताने के लिए आ जाए।
परीक्षा भवन
नई दिल्ली
दिनांक: 22 अप्रैल, 20XX
प्रिय मित्र संदीप
आशा है कि तुम सपरिवार कुशल होंगे। कल ही तुम्हारा पत्र मिला। यह जानकर अत्यधिक प्रसन्नता हुई कि तुम्हारी परीक्षा समाप्त हो गई है और तुम्हारा विद्यालय 20 जुलाई तक के लिए ग्रीष्मावकाश के उपलक्ष्य में बन्द हो गया है।
मेरी तथा मेरे घर के सभी सदस्यों की बहुत दिनों से यह इच्छा थी कि तुम कुछ दिनों के लिए बुलाएं, परन्तु तुम्हारी पढ़ाई का विचार कर ऐसा नहीं कर पाए। अब तुम्हारी परीक्षा समाप्त हो गई है और विद्यायल भी बन्द हो गए हैं, अतः अब हम तुम्हे यहां आने का सप्रेम निमंत्रण प्रेषित करते है।
कोटद्वार छोटा सा नगर है, फिर भी इसकी कई विशेषताएं है। इस छोटे से नगर में भी अनेक दर्शनीय स्थल है। कालिदास के ' अभिज्ञानशाकुन्तलम ' का कण्वाश्रम यहीं है। सिद्ध बाबा का मंदिर , जहां प्रतिवर्ष लाखों श्र्धालु भक्त आकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते है, यहां का मुख्य आकर्षण है। यहां से 20- 22 किलोमीटर की दूरी पर लैंसडौन पर्वतीय स्थल अपनी प्राकृतिक सुषमा के लिए प्रसिद्ध हैं। इस नगरी का एक एक चप्पा अपने सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध हैं।
प्रिय मित्र , मुझे पूरा विश्वास है कि तुम निश्चित रूप से मेरे निमंत्रण को स्वीकार करोगे। हम सभी तुम्हारी प्रतीक्षा कर रहे है। आने से पहले यहां पहुंचने की तिथि से अवगत कराना, जिससे मै तुम्हे लेने स्टेशन पर आ सकूं।
तुम्हारा मित्र
क.ख. ग.
औपचारिक पत्र
प्रश्न :-1-
बीमारी के कारण परीक्षा न दे सकने पर प्रधानाचार्य को ' चिकित्सा अवकाश ' के लिए एक आवेदन पत्र लिखिए।
परीक्षा भवन
नई दिल्ली
प्रधानाचार्य महोदय
राजकीय उच्च विद्यालय
शकूरपुर, दिल्ली
दिनांक : 22 जुलाई , 20XX
माननीय महोदय
विषय :- चिकित्सा अवकाश के आवेदन
सविनय निवेदन यह है कि मै आपके विद्यालय की दसवीं कक्षा का छात्र हूं। विगत चार - पांच दिनों से मुझे ज्वर है। हमारे पारिवारिक चिकित्सक ने इस ज्वर को ' टाईफाइड ' बताया है। इस ज्वर के कारण मै लगभग 15-20 तक विद्यालय नहीं आ सकता हूं। ज्वर के कारण में कमजोर अनुभव कर रहा हूं। इस कारण मै 25 जुलाई से 10 अगस्त तक होने वाली त्रैमासिक परीक्षा नहीं दे पाऊंगा।
अतः आपसे प्रथना है कि मुझे 22 जुलाई से 15 अगस्त तक चिकित्सा अवकाश प्रदान करें। आपकी आति कृपया होगी।
आपका आज्ञाकारी शिष्य
क.ख. ग.
दशवी ' अ '
प्रश्न:-2:-
आप महेंद्र कुमार 25/29, तिलक नगर, नई दिल्ली के निवासी है एन.सी. ई. आर. टी. में लिपिक पद के रिक्त स्थानों को भरने के लिए ' रोजगार समाचार ' में विज्ञापन आया है। उसका हवाला देते हुए निदेशक के नाम एक आवेदन पत्र लिखिए।
25/29 तिलक नगर
नई दिल्ली
दिनांक : 22 जुलाई , 20XX
निदेशक महोदय
एन.सी. ई. आर. टी.
नई दिल्ली-110016
श्रीमान
विषय: लिपिक पद के लिए आवेदन पत्र
आपके विभाग द्वारा दिनांक 22 जुलाई, 20 XX के ' रोजगार समाचार ' में प्रकाशित विज्ञापन में लिपिक पद के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। इस विज्ञापन के संदर्भ में मै स्वंय को उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत करता हूं। मुझसे संबंधित अन्य विवरण इस प्रकार है:-
नाम : महेंद्र कुमार
पिता का नाम : श्री संत लाल
जन्म स्थान : 20 अगस्त 1993
शिक्षा : सीनियर सेकेंडरी उत्तीर्ण, केंद्रीय
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली।
अन्य योग्यताएं : हिंदी और अंग्रेजी में 50 शब्द प्रतिमिनट से
टंकण करने में सक्षम।
टंकण और आशुलिपि में वाई.एम.सी.ए. से प्रमाण पत्र प्राप्त।
एक निजी कंपनी में एक वर्ष तक लिपिक पद पर कार्य करने का अनुभव।
मै आपको विश्वास दिलाता हूं कि यदि मुझे कार्य करने का अवसर दिया गया तो मै अपनी पूरी योग्यता से कार्य करूंगा।
धन्यवाद
आवेदक
महेंद्र कुमार
आशा करते है कि ऊपर दिए गए अनौपचारिक व औचारिक पत्र के उदहारण से आपको अनौपचारिक व औपचारिक पत्र में भिन्नताएं पता लग गई होगी।
अभ्यास प्रश्न :-
1. कुछ समय पहले आपने एक टेलीविजन खरीदा जो अनेक कनियो के कारण आपके लिए एक समस्या बन गया है। अपनी इस समस्या की जानकारी देते हुए विक्रेता के नाम एक पत्र लिखिए, जहां से आपने वह खरीदा है। - (अनौपचारिक पत्र)
2. स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार लाने के लिए नित्य व्यायाम करने की प्रेरणा देते हुए अपने छोटे भाई को पत्र लिखिए। (औचारिक)
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