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Showing posts from August, 2020

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन से संबंधित महत्वपूर्ण आंदोलन एवं घटनाएं

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  भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन से संबंधित महत्वपूर्ण आंदोलन एवं घटनाएं इसमें आप सभी को स्वतंत्रता से पहले सभी आन्दोलन एवं घटनाएं उनका वर्ष और सम्बन्धित विषय एवं व्यक्ति के बारे में बताया गया है । 1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना          -   1885 ,  ए. ओ.  ह्युम   ( बम्बई  ) 2. बंग - भंग आंदोलन ( स्वदेशी आंदोलन)    -   1905 ,  बंगाल  विभाजन के विरूद्ध ।                     3. मुस्लिम लीग की स्थापना                        -   1906 , आगा खां एवं सलीम उल्ला ख़ां ( ढाका ) 4. कांग्रेस का विभाजन                              -    1907 ,  नरम एवं गरम दल में विभाजित ( सूरत फुट ) 5. होमरूल आंदोलन                          ...

What is global warming? Explain the results critically in India 's particular context.

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  What is global warming? Explain the results critically in India 's particular context. Global warming is defined as the average temperature rise of the earth 's atmosphere, particularly due to the change in global climate there has been a substantial increase. The term global warming is synonymous with an advanced greenhouse effect, which is the reason for increasing the amount of greenhouse gases in the earth 's atmosphere, due to which more and more solar radiation enters the earth, and the overall temperature of the earth increases. India is the second most populous country in the world with a population of over 1.2 billion. India is situated between 6 degree 44 and 35 degree 30 north latitude and 68 degree 7 and 9.7 degree 25 on the north of the equator. It shares a 7517 km coastline with the Indian Ocean, the Arabian sea and the bay of Bengal. It has its land borders with Pakistan, China, Nepal and Bhutan, Burma and Bangladesh. https://www.edukaj.in/2023/02/hydroge...

भूमंडलीय तापन क्या है ? भारत के विशेष संदर्भ में इसके परिणामों की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए ।

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  भूमंडलीय तापन क्या है ? भारत के विशेष संदर्भ में इसके परिणामों की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिए । https://www.edukaj.in/2023/02/astronomers-succeeded-by-discovering-12.html ग्लोबल वार्मिंग को पृथ्वी के वायुमंडल के औसत तापमान में वृद्धि के रूप में परिभाषित किया गया है , विशेष रूप से को वैश्विक जलवायु में बदलाव के कारण पर्याप्त रूप से निरन्तर वृद्धि हुई है । ग्लोबल वार्मिंग शब्द एक उन्नत ग्रीनहाउस प्रभाव का  पर्याय बन गया है , जो पृथ्वी के वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों कि मात्रा में वृद्धि का कारण है , जिससे अधिक से अधिक सौर विकिरण का पृथ्वी में प्रवेश होता है , और इस पृथ्वी के समग्र तापमान में वृद्धि होती है। https://www.edukaj.in/2023/02/hydrogen-train.html भारत 1.2 अरब से अधिक आबादी वाला दुनिया का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश है । भारत 6 डिग्री 44 ' और 35 डिग्री 30 ' उत्तर अक्षांश तथा 68 डिग्री 7 ' और 9.7 डिग्री 25 ' पूर्व रेखांश के बीच भूमध्य रेखा के उत्तर में स्थित है । यह हिन्द महासागर , अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के साथ 7517 किमी की तट रेखा साझा करता है । इसकी पाकिस...

Social inequality is a characteristic feature of our society. Evaluate the influence of caste and gender on the disadvantaged sections of India.

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  Social inequality is a characteristic feature of our society. Evaluate the influence of caste and gender on the disadvantaged sections of India.                                     Or                            What do you understand by social inequality? In Indian society, please explain the caste system in the context of caste relations. The idea of real social justice and the attitude of equality for the establishment of an egalitarian social order had two important conditions. In India, the concept of social justice came out in response to discrimination and prejudice in our society. Within the social system that led to this discrimination, attention was given to the provision of all facilities to a select section of the society. In fact, the brahmanical Hindu (which was originally Aryan) provided an unequal social ord...

समाजिक असमानता हमारे समाज का विशिष्ट लक्षण है । भारत के वंचित वर्गो पर जाति एवं जेंडर के प्रभाव का मूल्यांकन कीजिए।

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  समाजिक असमानता हमारे समाज का विशिष्ट लक्षण है । भारत के वंचित वर्गो पर जाति एवं जेंडर के प्रभाव का मूल्यांकन कीजिए।                                                                अथवा  समाजिक असमानता से आप क्या समझते है ? भारतीय समाज में जाति सम्बन्धों के सन्दर्भ में जाति व्यवस्था की विवेचना कीजिए । एक समतावादी समाजिक व्यवस्था की स्थापना के लिए सच्चे समाजिक न्याय का विचार एवं समानता का दृष्टिकोण - दो महत्वपूर्ण शर्ते है । भारत में समाजिक न्याय की अवधारणा यहां के समाज में व्याप्त भेदभाव एवं पक्षपात के प्रतिक्रिया स्वरूप उभरकर सामने आई । इस भेदभाव से युक्त समाजिक व्यवस्था के  अंदर समाज के कुछ चुनिंदा व्यक्तियों को ही सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाता था।  वस्तुतः ब्राह्मणवादी हिन्दू ( जो कि मूलतः आर्य थे ) ने एक असमान समाजिक व्यवस्था का प्रसार किया जो मानवता की विरोधी थी ।       ...

Discuss the various theories of human right

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  Discuss the various theories of human right Economic, social and cultural rights are specified in articles 16 and 22-29 of the UDHR. Human rights recognize and refer to an impressive list of human concerns: • Marriages and family;  • Work and leisure (choice of employment, work conditions, equal wages for equal work, fair remuneration, freedom of association and involvement of trade unions);  • A standard of adequate living of food, shelter, clothing, medical care and social services;  • Jobless, sickness, inefficiency, widows and protection in the case of old age;  • Special care and support in motherhood and childhood;  • Education (equal access to free and compulsory primary education, qualification, parental choice, and full development of human personality);  • Participation in the cultural life of any community;  • Protection of their literary, scientific and artistic productions;  • The social and international system that enables th...

मानव अधिकार के विभिन्न सिद्धांतो का विवेचन कीजिए

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  मानव अधिकार के विभिन्न सिद्धांतो का विवेचन कीजिए आर्थिक , सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार , UDHR के अनुच्छेद 16 और 22-29 में निर्दिष्ट हैं । वे मानवाधिकार मानव चिंताओं की एक प्रभावशाली सूची की पहचान करते है और इनका सन्दर्भ देते है :  • विवाह और परिवार ;  • काम और अवकाश ( रोजगार की पसंद , काम की परिस्थितियां , बराबर काम के लिए बराबर वेतन , उचित पारिश्रमिक , ट्रेड यूनियनों को बनाने और शामिल होने की आजादी तथा अन्य ) ; • भोजन , आश्रय , वस्त्र , चिकित्सा देखभाल और सामाजिक सेवाओं के पर्याप्त रहने का एक मानक ; • बेरोजगार , बीमारी , अक्षमता , विधवापन , और वृद्धावस्था के मामले में सुरक्षा ; • मातृत्व और बचपन में विशेष देखभाल और सहायता ; • शिक्षा ( मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा , योग्यता , माता - पिता की पसंद , और मानव व्यक्तित्व के पूर्ण विकास के आधार पर समान पहुंच ); • किसी भी समुदाय के सांस्कृतिक जीवन में भागीदारी ; • अपनी साहित्यिक , वैज्ञानिक और कलात्मक प्रस्तुतियों की सुरक्षा ; • समाजिक और अन्तर्राष्ट्रीय व्यवस्था जो इन मानवाधिकारों को महसूस करने में सक्षम बनाती है ; तथा •...

भुगतान शेष एवं व्यापार शेष में विभेद कीजिए।इनमे असाम्य को दूर करने के लिए आप सुझाव देंगें ?

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  भुगतान शेष एवं व्यापार शेष में विभेद कीजिए। इनमे असाम्य को दूर करने के लिए आप सुझाव देंगें ? भुगतान शेष :- भुगतान संतुलन एक देश के शेष - विशेष के साथ एक वर्ष के दौरान किए गए समस्त मौद्रिक संव्यवहारों  लेखा - जोखा है । भुगतान शेष के घटक -  (i) चालू खाता पर भुगतान शेष (ii) पूंजीगत खाते पर भुगतान शेष ये मौद्रिक संव्यवहार निम्न कारणों से पैदा होता है -  (i) एक देश शेष विशेष को वस्तुओ का निर्यात तथा वस्तुओ का आयात करता है । इन प्रवाहों के बदले मौद्रिक प्राप्तियां हैं तथा भुगतान विदेशी मुद्रा में होते हैं । (ii) वस्तुओ को दृश्य मदो का नाम भी दिया जाता है। (iii) दो देशों के बीच पूंजी का भी आवागमन होता है ।     कर मुक्त व्यापार में अन्तर्राष्ट्रीय विशिष्टीकरण सभी देशों के लिए लाभदायक होता है । देश उन वस्तुओ के उत्पादन पर विशिष्टीकरण प्राप्त करते हैं जिनमें उन्हें तुलनात्मक लाभ उपलब्ध है तथा उनका निर्यात करके बदले में वे वस्तुएं आयात करते है , जिनके उत्पादन में उन्हें तुलनात्मक हानि है । वस्तुओ के आयात - निर्यात की तरह ही , सेवाओं का भी देशों के बीच आदान - प्रदान ...

राष्ट्रीय आय से आप क्या समझते है? राष्ट्रीय आय के आंकलन की आय विधि का वर्णन करें। What do you understand by national income? Describe the income method of estimating national income.

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राष्ट्रीय आय से आप क्या समझते है? राष्ट्रीय आय के आंकलन की आय विधि का वर्णन करें। राष्ट्रीय आय किसी देश की ओर से एक साल में उत्पादित सभी वस्तुओ और सेवाओं की कीमत ( प्रप्ति ) होती है । जितनी ज्यादा राष्ट्रीय आय होगी उसी के अनुसार किसी भी अर्थव्यवस्था या देश का विकास आगे बढ़ता है। राष्ट्रीय आय के आंकड़ों से यह जाना जा सकता है कि किसी देश का विकास कितनी तेजी से बढ़ रहा है । राष्ट्रीय आय को सफल घरेलू उत्पाद भी कहा जाता है।  (क) आय विधि द्वारा सकल घरेलू उत्पाद की गणना - उत्पादन की प्रक्रिया निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जिसमें उत्पादन के विभिन्न साधनों की सहायता से वस्तुओ व सेवाओं का उत्पादन किया जाता है। उत्पादन के इन साधनों को बदले में साधन आय प्राप्त होती है , जैसे :- किराया , मजदूरी जिन्हे हम सामान्यता साधन आय कहते है। राष्ट्रीय आय को उत्पादकों द्वारा साधनों को किए हुए भुगतानो को जोड़कर ज्ञात किया जा सकता है। एक लेखा वर्ष में देश कि सीमाओं में घरेलू साधन आय का जोड़ सदैव शुद्ध मूल्य वृद्धि के समान होता है।     साधन आय के स्रोत -  (1) घरेलू साधन आय - इसको तीन वर्गो में...

अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरण नियम तथा समझौते

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अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरण नियम तथा समझौते पर्यावरण हरण - मनुष्य के अस्तित्व का खतरा है । पिछले कुछ दशकों से , इस बात को चिंता लगातार बढ़ रही है कि जिस पर्यावरण में हम रह रहे हैं वह बहुत तेजी से खराब हो रहा है । यही कारण है कि हम उसके कारणों को समझकर उन्हें रोकने के उपयुक्त कदम उठाने चाहिए। अतः पर्यावरणीय कानूनों का फैसला लिया गया तथा वैश्विक स्तर  पर पर्यावरण को बचाने के लिए इन्हे लागू किया गया। पर्यावरण का संरक्षण एक वैश्विक मुद्दा बन गया है । पर्यावरणीय कानून को जोड़ने वाला निकाय है । यह बहुत बड़े स्तर पर मानवता के संपर्क और जैव , भौतिक या प्राकृतिक वातावरण विनियमन को संचालित करता है , जिसका उद्देश्य है मानव गतिविधियों के प्रभाव प्राकृतिक पर्यावरण और स्वयं मानव पर न पड़ने देना।          इस अध्याय में , हम विभिन्न महत्वपूर्ण समझौतों जैसे - रामसर सम्मेलन 1971 , विश्व विरासत सम्मेलन 1972 , मारपोल सम्मेलन , लंदन डम्पिंग सम्मेलन , एजेंडा 21 , जलवायु परिवर्तन सम्मेलन और समुद्री कानून सम्मेलन पर रोशनी डालेगे । महत्वपूर्ण अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरण...

International Environment Rules and Regulations

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International Environment Rules and Regulations Expropriation of Environment -  Is a threat to survival of human beings. For the last few decades, there has been a growing concern that the environment in which we live is rapidly deteriorating. That is why we should adopt suitable measures to check them for their reasons. Hence, environmental laws were decided and implemented at the global level to protect the environment. Conservation of the environment has become a global issue. Is a body that connects environmental laws. It regulates mankind 's interaction and biological, physical or natural environment regulation on a very large scale, with the aim of preventing the effects of human activities from affecting the natural environment and man himself.            In this chapter, we will highlight the various important agreements such as the ramsher conference 1971, the world heritage conference, 1972, the marpol conference, the ...

नई शिक्षा नीति 2020 क्या है और इसके क्या फायदे है

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  नई शिक्षा नीति 2020 नई शिक्षा नीति का सम्पूर्ण विश्लेषण - 34 वर्षों बाद भारत में नई शिक्षा नीति की घोषणा की गई है। - बदली गई शिक्षा नीति में 12 वी तक की पढ़ाई को 5+3+3+4 हिस्सो में बांटा गया है। 5+3+3+4 क्या है पूरी जानकारी :-  1. पहले 5 वर्षों की पढ़ाई foundation stage रहेगी ।  - Pre primary के 3 और पहली , दूसरी कक्षा के 2 साल में होगी पढाई ।  - खेलकूद और अन्य गतिविधियों की होगी पढ़ाई ।  - 5 वीं कक्षा तक की पढ़ाई मातृ - भाषा में होगी ।      > अंग्रेजी में पढ़ाई कि अनिवार्यता नहीं रहेगी । यह बहुत बड़ा बदलाव है ।      > अंग्रेजी सिर्फ एक विषय के तौर पर पढ़ाई जाएगी।       = नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों का जबरदस्ती अंग्रेजी - करण का दौर समाप्त हो जाएगा । - तीसरी कक्षा से पांचवीं कक्षा तक की कक्षाओं की पढ़ाई से छात्रों को भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा ।     > इसमें आने वाले परिचय -      विज्ञान , गणित , कला , समाजिक विज्ञान जैसे विषय पढ़ाएंगे।      2.  कक्षा ...

व्यायाम / योग के लाभ

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व्यायाम / योग के लाभ भूमिका:-           योग का इतिहास बहुत पुराना है। इसकी शुरुआत कब और कैसे हुई इस बारे मी कोई निश्चित जानकारी या प्रमाण उपलब्ध नहीं है। परंतु इतना अवश्य कहा जा सकता है को योग भारत कि ही देन है। इतिहासकारों ने इसकी शुरुआत को लेकर भिन्न - भिन्न मत हैं कई इतिहासकार इसकी उत्पति सिंधु घाटी सभ्यता के समय की मानते हैं। क्योंकि उस समय की कई मूर्तियों के आसन योग के विभिन्न आसनों जैसे पाए गए है। योग की प्राचीनता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है की विभिन्न वेदों , उपनिषदों , रामायण तथा महाभारत जैसे ग्रन्थों में भी योग क्रियाओं का वर्णन किया गया है। महर्षि पतंजलि ने लगभग ईसा पूर्व शताब्दी में योग पर एक व्यवस्थित ग्रन्थ " योग शास्त्र " लिखा। प्राचीन कवियों एवं संतो जैसे - कबीर , सूरदास तथा तुलसीदास जी ने भी अपनी - अपनी रचनाओं में योग का वर्णन किया है। भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग होने के साथ - साथ योग आज पूरे विश्व में तेजी से प्रचलित है । हर वर्ष 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है।           आज की भादौड़ से भरी ...