Posts

Showing posts from September, 2021

भारतीय किसान , भारतीय किसान की दशा ,भारतीय किसान: देश की रीढ़

Image
  भारतीय किसान  कृषक का स्वभाव एवं श्रम  भारत गांवों का देश है । भारत का ह्रदय गांवों में ही बसता है । गांवो में ही परिश्रम और सेवा के अवतार किसान बसते हैं, जो नगरवासियों के अन्नदाता ही नहीं सृष्टि के पालक हैं । भारतीय किसान ' कठोर परिश्रम ' , सरल ह्रदय , त्याग और तपस्वी जीवन , सादगी , जैसे गुणों  का पर्याय है । कड़कड़ाती सर्दी , चिलचिलाती धूप , घनघोर वर्षा , हाड़ कपा देने वाली सर्दी में भी वह एक तपस्वी की भांति अपनी साधना में लीन रहता है । वह हर विपत्ति को चुपचाप सहन कर लेता है , अभावों में जीने की उसे आदत है , रूखा - सुखा खाकर वह अपना पेट भर लेता है , मोटा कपड़ा पहनकर वह अपना तन ढंक लेता है । अपने इस कठोर जीवन की वह न तो कभी किसी से शिकायत करता है  तथा न ही स्वंय के लिए ऐश्वर्य एवं भोग - विलास की सामग्री की मांग । उसके जीवन का तो बस एक ही उद्देश्य है - मिट्टी से सेना उत्पन्न करना और अन्नपूर्णा की तरह दूसरो का पेट भरना । https://www.edukaj.in/2022/12/sustainable-human-development-issues.html एक बार नारद ने भगवान विष्णु से पूछा , " हे प्रभु! अपका परम भक्त कौन है...