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Important facts about computer

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  Important facts about computer Important facts about computer > Computer's Hindi name is संगणक  > Charles Days is called the father of computer. > Von Neumann has contributed the most in the development of computer. > Modern computer was first discovered in 1946 AD. > The great revolution in the field of computer came in 1960. > The country with the most computers in the world is the United States of America. It is followed by Japan, Germany, Britain and France respectively. India ranks 19th in this list. > Computer literacy means- being aware of what a computer can and cannot do. > New computer policy in India was announced in November 1984. > Siddhartha is the first computer  manufactured in India. It was manufactured by Electronics Corporation of India. > 2nd December is celebrated as Computer Literacy Day . > The first computer in India was installed on 16 August 1986 at the Head Post Office, Bangalore. > India's first computerize...

ध्वनि (शोर) प्रदूषण क्या है? ध्वनि प्रदूषण के प्रभाव ।

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ध्वनि   (शोर) प्रदूषण के स्रोत एवं दैनिक जीवन में इसके प्रभावों का वर्णन कीजिये तथा इसकी रोकथाम अन्यथा नियंत्रण के उपाय बताइये। Describe the Sources of Noise Pollution and effects on daily life. Suggest the ways to control or check the Noise Pollution. ध्वनि (शोर) प्रदूषण के निम्नलिखित दो स्रोत हैं  (1) प्राकृतिक स्रोत (Natural Sources)- इसके अंतर्गत बादलों की गड़गड़ाहट प्रमुख हैं।  (2) मानव निर्मित स्रोत (Man Made Sources)- इस तरह का ध्वनि प्रदूषण प्राय: शहरों में अनेक वाहनों (ट्रक, मोटर, बस, स्कूटर, फायर इन्जन, रेलगाड़ी आदि) के हार्न, सायरन, कारखानों, टेलीविजन, रेडियो, ट्रांजिस्टर, लाउडस्पीकर एवं कुत्तों के भौंकने से उत्पन्न होता है। इस तरह का ध्वनि प्रदूषण प्रति 10 वर्षों में दो गुना होता जा रहा है। ध्वनि (शोर) प्रदूषण के प्रभाव (Effects of Noise Pollution)- हम अपने दैनिक जीवन में शोर प्रदूषण के प्रभावों का अनुभव करते हैं। जैसे-जैसे नगरों,महानगरों में शोर बढ़ता गया इस ओर वैज्ञानिकों ने अनेक अनुसंधान किये तथा अपने परिणाम प्रस्तुत किये। इन परिणामों से हमें ज्ञात होता है...

वायु प्रदूषण निबंध, वायु प्रदूषण क्या है?

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  वायु प्रदूषण से आप क्या समझते हैं? वायु प्रदूषण के कारणों  को समझाइये तथा वायु प्रदूषकों के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिये। What do you understand by Air Pollution. Explain the causes of Air Pollution and describe various types of Air Pollutants.  वायु में O, CO,, Ar, Ne, H, He, मेथेन (Methane) आदि की मात्रा निश्चित होती है। जो मनुष्य जीवन के लिये उपयोगी होती है। यदि किन्हीं कारणों से इन निश्चित मात्राओं में परिवर्तन हो जाये तब ये जीवधारियों, वनस्पतियों तथा मनुष्य जीवन पर हानिकारक प्रभाव डालते हैं। इस वायु के मिश्रण में अवयवों की मात्रा, अनुचित हो जाना अथवा अन्य पदार्थों का समावेश हो जाना वायु प्रदूषण 128 / अंतर्राष्ट्रीय संबंध कहलाता है। वायु मण्डल में जीवधारी ऑक्सीजन यथा, कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा संतुलित रखते हैं। श्वसन में सभी जीव कार्बन डाइऑक्साइड निकालते हैं तथा ऑक्सीजन लेते हैं, किन्तु हरे पौधे सूर्य के प्रकाश में कार्बन डाई ऑक्साइड का उपयोग कर ऑक्सीजन वायु में डालते हैं। वायु प्रदूषण के कारण वायू प्रदूषण निम्नलिखित कारणों से होता है  1. धुओं तथा ग्रिट क...

वनों की कमी तथा वनोन्मूलन के कारण बताइये।, वनों की कमी पर निबंध

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वनों की कमी तथा वनोन्मूलन के कारण बताइये। वनोन्मूलन रोकने के लिए उपाय बताइये। Explain causes of deforestation. Give measures to check deforestation. -वन प्राकृतिक संसाधन है तथा एक ऐसी संपदा है, जिसका उपयोग मानव आदिकाल से करता आया है और आज भी कर रहा है, किंतु आज के तकनीकी व वैज्ञानिक युग में बढ़ती जनसंख्या के दबाव और मानव की स्वार्थपरता ने इस प्राकृतिक संपदा के पर्यावरणीय महत्व को नहीं समझा तथा उसके उन्मूलन में ही प्रवृत्त हो गया। यह प्राकृतिक कारण और वन की आग भी इन्हें नष्ट करती है, परंतु यह उतनी हानिप्रद नहीं है, जितना कि मानव द्वारा वनों का विनाश है।  वन विनाश के कारण-वनोन्मूलन अथवा वन विनाश के मुख्य कारणों को निम्न प्रकार समझाया जा सकता है  (1) कृषि के लिये वन विनाश (Causes of Deforestation) - आज हमें विश्व में जो कृषि क्षेत्र दिखाई देता है, उसमें से अधिकांश वनों के नष्ट व साफ करके प्राप्त किया गया है। यह मानव के लिये आवश्यक भी था, क्योंकि कृषि क्षेत्रों से प्राप्त अन्न-रूपी भोजन मनुष्य की प्राथमिक आवश्यकता है, परंतु जब जनसंख्या में निरंतर वृद्धि होने से जनसंख्या विस्फोट ह...

Adulterated food essay

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 Adulterated food In today's era, the price of food items is very high, in the same way adulteration in food items is also found very much. In this way our economic condition and health related conditions are being affected. In today's era, adulteration is found in every small thing. Even adulteration is found in those which are beneficial for our health. The Food Safety Department is also aware of this, but no action is being taken on it. Adulterated food items are being sold in the market. https://www.edukaj.in/2022/02/india-is-emerging-power-essay.html What types of food are being adulterated:- Adulteration of fruits: - Fruits are cooked in any chemical and then sold, which has a bad effect on our health by eating it. adulteration of other foods Like other substances and food items are also adulterated such as: Water in milk, fat in ghee, adulteration in oil, horsetail in coriander powder, papaya seeds in black pepper, color to make red chili appear more red, skin shredding...

आज की भारतीय नारी

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  आज की भारतीय नारी 1. प्राचीन काल में नारी की स्थिति :- मातृत्व की गरिमा से मंडित पत्नी के सौभाग्य से ऐश्वर्यशालिनी धार्मिक अनुष्ठानों की सहधर्मिणीही तथा गृहलक्ष्मी पुरुष सहयोगिनी शिशु की प्रथम शिक्षिका तथा अनेक गुणों से गौरवान्वित नारी के महत्व को से ही स्वीकारा गया है। महाराज मनु ने इसीलिए कहा-'यत्र नार्यस्तु पूजयंते रमते तत्र देवता'-जहाँ नारी की है, वहाँ देवता निवास करते हैं। इसमें किंचित संदेह नहीं कि नारी के अभाव में मनुष्य का सामाजिक जीवन इसीलिए प्राचीन काल से ही नारी की महत्त्वपूर्ण भूमिका को स्वीकारा गया है। नारी के इसी रूप को स्वीकार जयशंकर प्रसाद ने लिखा:  नारी तुम केवल अद्धा हो, विश्वास रजत नख पग तल में।  पीयूष स्रोत-सी बहा करो, जीवन के सुंदर समतल में॥ अवश्य पढ़े:- https://www.edukaj.in/2022/02/essay-on-man.html प्राचीन भारत में गार्गी, अनुसुया, मैत्रेयी सावित्री जैसी विदुषी महिलाएँ इस बात की ज्वलंत उदाहरण है कि क काल में भारतीय नारियाँ सम्माननीय एवं प्रतिष्ठित पद पर आसीन थीं। उन्हें शिक्षा का पूर्ण अधिकार ही नहीं था कि भी शुभ एवं मांगलिक कार्य अर्धागिनी की उप...

बढ़ते उद्योग, सिकुड़ते वन , बढ़ती जनसंख्या : सिकुड़ते वन , वन रहेंगे , हम रहेंगे , वन और हमारा पर्यावरण , अगर वन न होते , वनों से पर्यावरण संरक्षण

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बढ़ते उद्योग, सिकुड़ते वन   1. वनों के लाभ-प्राकृतिक सौंदर्य तथा पर्यावरण संतुलन प्रकृति का अनुपम उपहार है। इस अमूल्य संपदा के कोष को बनाए रखने की महती आवश्यकता है। पेड़-पौधे तथा मनुष्य एक-दूसरे के पोषक तथा संरक्षक है। जहाँ एक ओर पेड़-पौधे मनुष्य के संरक्षण में उगते हैं, वहीं दूसरी और मानव को भी आजीवन देड-पौधों पर आश्रित रहना पड़ता है। इन वृक्षों पेड़-पौधों अथवा वनों से प्राकृतिक तथा पर्यावरण संतुलन बना रहता है। संतुलित व तथा प्रदूषण से बचाव के लिए भी वनों के संरक्षण को नियंत आवश्यकता है। इतना ही नहीं शस्य श्यामला भूमि को बंजर होने बचाने भू - क्षरण , पर्वत-स्खलन आदि को रोकने में भी वन संरक्षण अनिवार्य होता है। प्रकृतिक सुषमा के घर है। इन्हीं क अनेक वन्य प्राणियों को आश्रय मिलता है।  हमारे देश में तो वृक्षों को पूजने की परंपरा है। हमारी संस्कृति का कार्य माना जाता है तथा किसी फलदार अथवा हरे-भरे वृक्ष को काटना पाप पुराणों के अनुसार एक वृक्ष लगाने से उठना हो पुल पुढे का खेद का विषय है कि आज हम वन संरक्षण के प्रति उसीहोर कर उनको कटाई करके अपने पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं, जिससे प्रकृ...

समय का महत्व , Importance of time in Hindi

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  समय का महत्व  समय जीवन है और समय को नष्ट करना जीवन को नष्ट करना है । एक आम कहावत है कि " जो समय को नष्ट करता है , समय उसे नष्ट कर देता है । " समय का सदुपयोग विकास की कुंजी         जीवन नदी की धारा के समान है । जैसे नदी की धारा ऊंची - नीची भूमि को पार करती निरन्तर आगे बढ़ती रहती है उसी प्रकार जीवन की धारा भी सुख - दुख तथा सफलता - असफलता के अनेक संघर्षों को सहते - भोगते आगे बढ़ती रहती है । बहना जीवन है और ठहराव मृत्यु । जीवन का उद्देश्य निरन्तर आगे बढ़ते रहने में है - इसी में सुख है , आंनद है । लेकिन सुख - आंनद और आगे बढ़ने में जो वस्तु काम करती है , वह है समय । जो भोगते हुए समय को पकड़कर इसके साथ - साथ चल सकते हैं , वही तो जीवन में कामयाब होते है । वस्तुत: समय का सदुपयोग ही विकास की कुंजी है । अमूल्य धन              अंग्रेजी में समय को ' धन ' कहा जाता है , पर समय ' धन ' से कहीं ज्यादा कीमती है , अमूल्य है । धन आज है , कल नष्ट हो गया , परसों फिर आ सकता है । लेकिन जो समय अतीत के गर्त में समा गया , लाख चेष्टा करने पर भी वह ल...