संघर्षों की प्रकृति Nature of Conflicts

संघर्षों की प्रकृति (Nature of Conflicts ) परिचय संघर्ष एक ऐसा शब्द है , जिसके अनेकों अर्थ हो सकते हैं, जैसे-लड़ाई, वाद-विवाद, युद्ध, असंगति आदि। संघर्ष का शाब्दिक अर्थ है “एक दूसरे से टकराव"। जब दो या दो से अधिक व्यक्तियों में या किसी समूह या वर्ग में किसी एक ही विषय पर विरोधाभास की स्थिति बन जाती है, तो संघर्ष की उत्पत्ति होती है। ऐसे में वे व्यक्ति अपना लक्ष्य बदलकर या अपना लक्ष्य छोड़कर आपस में समझौता करते हैं। कई बार मध्यस्थता के द्वारा समझौता कराया जाता है। यदि संघर्ष अपनी चरम सीमा पर पहुँच जाए, तो वह युद्ध का रूप ले सकता है या फिर बड़े झगड़े में परिवर्तित हो सकता है। संघर्ष का एक कारण संसाधनों की अपर्याप्तता या वितरण का दोष माना जा सकता है। संघर्ष किसी भी मुद्दे पर हो किंतु उसे सुलझाना जरूरी होता है, अन्यथा यह किसी बड़ी क्षति का कारण बन सकता है। संघर्ष का अर्थ संघर्ष का सामान्य अर्थ होता है-टकराव। अलग-अलग विद्वानों ने संघर्ष की विभिन्न परिभाषाएँ दी हैं। कुछ विद्वानों ने संघर्ष को आपसी विरोध, प्रतिद्वंद्विता या आपसी प्रतिरोध की स्थिति कहा है, जिसके अंतर्गत व्यक्तियों की ग...