अर्थ की दृष्टि से वाक्य - भेद

अर्थ की दृष्टि से वाक्य - भेद इस आर्टिकल में आपको हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है । https://www.edukaj.in/2023/02/astronomers-succeeded-by-discovering-12.html वाक्य का स्वरूप जब भी हमें अपने मन की बात दूसरो तक पहुंचानी होती है या किसी से बातचीत करनी होती है तो हम वाक्यों का सहारा लेकर ही बोलते हैं। यद्यपि वाक्य विभिन्न शब्दों (पदों) योग से बनता है और हर शब्द अपना अलग अर्थ भी होता है, पर वाक्य आए सभी घटक परस्पर मिलकर एक पूरा वाक्य विचार या सन्देश प्रकट करते है। वाक्य छोटा हो या बड़ा किसी - न - किसी विचार या भाव को पूर्णतः व्यक्त करने में क्षमता रखता है। अतः भाषा की वह लघुत्तम इकाई जिसके माध्यम से वक्ता अपने भावों एवं विचारो को संप्रेषित करता है , वाक्य कहलाता है। अवश्य पढ़े:- https://www.edukaj.in/2022/02/take-health-insurance-and-save-your.html ' वाक्य में निम्नलिखित बातें होती है : 1. वाक्य की रचना पदों एवं पदबंधो के योग से होती है। 2. वाक्य अपने में पूर्ण तथा स्वतंत्र होता है। 3. वाक्य किसी - न - किसी ...